संरचनागत जौवविज्ञान और जैवसूचना प्रभाग

वैज्ञानिक

  • डॉ. एम. सी. बागची (अध्यक्ष)
  • प्रो. सिद्धार्थ राय
  • डॉ. सुव्रत आडक
  • डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य
  • डॉ. (श्रीमती) नन्दा घोषाल
  • डॉ. चित्रा दत्त
  • डॉ. सौमेन दत्त
  • डॉ. कृष्णनन्दा चट्टोपाध्याय
  • डॉ. जयति सेनगुप्ता

मानद वैज्ञानिक

  • डॉ. मोतिलाल माइती
  • डॉ. आलोक दत्ता

परिकल्पना

आधुनिक जैविक, रासायनिक और भौतिक प्रौद्योगिकी को शामिल करते हुए विभिन्न कोणों के बहु-दिशात्मक दृष्टिकोण का उपयोग करके विभिन्न जैविक मैक्रोमोलेक्यूलों का संरचना-कार्य विश्लेषण।

उद्देश्य

  • विभिन्न प्रकार के रोगों, जैसे लिशमानिया, कोलरा, कैंसर, मधुमेह और एंटी-कनवल्सेंट और इम्युनोमोडुलेटरी क्रियाकलापों के विरूद्ध चिकित्सीय हित के संभावनायुक्त सक्षम जैविक मैक्रोमोलेक्युलों तथा अन्य छोटे अणुओं का लक्षणनिर्धारण ।
  • आधुनिक परिष्कृत हुए प्रोटीन-प्रोटीन और प्रोटीन-न्यूक्लिक अम्ल अंतर्क्रिया का अध्ययन ।
  • प्रमात्रात्मक संरचना क्रियाकलाप संबंध (क्य. एस. ए. आर.) और 3 डी-क्यू. एस. ए. आर.।
  • मैक्रोमोलेक्युलर संरचना की संभावना, संशोधन और विश्लेषण का विकास तथा जैव-सक्रिय अणुओं के साथ उनकी अंतर्क्रिया की व्याख्या ।

दल के सदस्य
वरिष्ठ अनुसंधान अधिसदस्य / कनिष्ठ अनुसंधान अधिसदस्य / अनुसंधान सहायक

नाम पदनाम ई-मेल आई. डी.
श्री वाणीव्रत सेन एस. आर. एफ. banibrata_rs@iicb.res.in
श्री शुभंकर दोलोई जे. आर. एफ. subhankar_rs@iicb.res.in
श्री राजेश कुमार यादव जे. आर. एफ. biochemrajesh@yahoo.co.in
सुश्री स्वाति पाल जे. आर. एफ.
डॉ. रुचिरा मुखर्जी आर. ए. ru_chira@yahoo.com
सुश्री इंद्राणी चौधुरी एस. आर. एफ. indrani_cm@yahoo.com
सुश्री सृजता मुखर्जी एस. आर. एफ. srijata_mukherjee@yahoo.co.in
सुश्री परमिता राहा एस. आर. एफ. rahap@rediffmail.com
श्री असित कुमार मन्ना जे. आर. एफ. mak_in2001@yahoo.co.in
श्री सुव्रत देवनाथ जे. आर. एफ. debnath.Subrata@rediffmail.com
श्री नीलाद्रि शेखर राय जे. आर. एफ. neeladri_sekhar@yahoo.co.in
श्री अभिषेक मजुमदार जे. आर. एफ.
सुश्री अणुश्री भट्टाचार्य जे. आर. एफ. anusri_b@rediffmail.com
श्रीमती सुजाता मजुमदार एस. आर. एफ. sujata_dgp@yahoo.com
श्रीमती मधुमिता पात्रा एस. आर. एफ. madhumita_ucst@yahoo.co.in
सुश्री गार्गी माइती एस. आर. एफ. (आइ. सि. एम. आर.) gmaiti@yahoo.com
सुश्री संगीता नाथ एस. आर. एफ. (आइ. सि. एम. आर.) sangeeta_rs@iicb.res.in
सुश्री रीमा भट्टाचार्य एस. आर. एफ. (आइ. सि. एम. आर.) das_reema@yahoo.com
श्री सोमनाथ मंडल एस. आर. एफ. (आइ. सि. एम. आर.) somenath_rs@iicb.res.in
सुश्री देवाश्री दे जे. आर. एफ. debashreeiicb@yahoo.co.in
सुश्री नुपूर सेनगुप्त जे. आर. एफ. (इउ. जि. सि.) sengutanupur@gmail.com
सुश्री सविता भुतोरिया जे. आर. एफ. (इउ. जि. सि.) savita_rs@iicb.res.in
श्री नहरेन मैनुअल जे. आर. एफ. (सी. एस. आइ. आर.) mailnahren@yahoo.com
श्री आर. एस. के. विजयन जे. आर. एफ. (सी. एस. आइ. आर.) vijayan_rs@iicb.res.in
सुश्री इप्सिता चंदा एस. आर. एफ. ipsita_chanda@yahoo.co.in
श्री अनिर्वान दत्त जे. आर. एफ. webanirban@gmail.com
श्री शिशिर नन्दी जे. आर. एफ.
सुश्री पायल घोष जे. आर. एफ.
श्री सव्यसाची दास पी. ए. sabyadas@yahoo.co.in
श्री संजीव चटर्जी पी. ए. c_sanjib1@rediffmail.com
श्री संदीप पाल पी. ए. websandip@gmail.com
श्री सुमित कुमार बाग पी. ए. sumitbag@yahoo.com


स्टाफ सदस्य

नाम पदनाम ई-मेल आई. डी.
श्री समीर कुमार राय टी. ओ.
श्री शुभागत घोष टी. ओ. shuvagata@yahoo.com
श्रीमती अपर्णा लस्कर टी. ओ. aparna_iicb@yahoo.com
श्री पी. गंगोपाध्याय< टी. ओ.


पिछले 5 वर्षों में महत्वपुर्ण प्रकाशन एवं अन्वेषण

  • दत्त एम., दिल्ली पी., सिंहा के. एम., बनर्जी आर. के. और दत्ता ए. के. (2001) - साइटोप्लाज्मिक CsA बाइंडिंग प्रोटीन की प्रचुरता का अभाव साइक्लोपोरिन A में मुक्त-जीवित लिशमानिया डोनोवनी प्रतिरोध पैदा करता है । जे. बायो. केम. 276, 19294-19300
  • चक्रवर्ती ए., दास आई., दत्त आर., सेन बी., भट्टाचार्य डी., मंडल सी. एन. और दत्त ए. के. (2002) - लिशमानिया डोनोवनी से प्राप्त एकल-सिरा साइक्लोफिलिन आइसोमेरेस-स्वतंत्र चैपरोन कार्य द्वारा एडेनोसाइन किनेस के विलेय समुच्चयन को पूनःसक्रिय करता है । जे. बायो. केम. 277, 47451-47460
  • चक्रवर्ती ए., सेन बी., दत्त आर., और दत्त ए. के. (2004) - साइक्लोफिलिन का आईसोमेरेस-स्वतंत्र चैपरोन कार्य इन विट्रो और इन विट्रो अवस्था के भीतर दोनों में एडेनोसाइन किनेस के एकत्रण रोक को सुनिश्चित करता है । बायोकेमिस्ट्री 43, 11862-11872
  • ब्रद्मा ए., और भट्टाचार्य डी. (2004) - क्लुवेरोमाइसेस फ्रेगिलिस से प्राप्त यू. डी. पी.-गैलेक्टोस 4-एप्त्मेरेस : स्वतंत्र मुटारोटेस साइट के लिए साक्ष्य । यूर. जे. बायोकेम. 271, 58-68
  • नायर एस., ब्रह्मा ए., बराट बी. एवं भट्टाचार्य डी. (2004) - क्लुवेरोमाइसेस फ्रेगिलिस से प्राप्त यू. डी. पी.-गैलेक्टोस 4-एपिमेरस : उत्पेरण में उसके हिस्टेरेटिक व्यवहार का विश्लेषण । बायोकेमिस्ट्री 43, 10212-10223
  • ब्रह्मा ए. और भट्टाचार्य डी. (2004) क्लुवेरोमाइसेस फ्रेगिलिस से प्राप्त यू. डी. पी.-गैलेक्टोस 4-एप्त्मेरेस : सबयूनिट स्‍वतंत्र कार्यात्मक साइट की विद्यमानता । एफ. इ. बी. एस. लेटर. 577, 27-34
  • बागची एम. सी., माइती बी. सी. और बोस एस. (2004) ग्राफिकल इनवैरिएंटों का प्रयोग करते हु आई. एन. एच. टाइप की एंटी टीबी औषधि का क्यू. एस. ए. आर. । जे. मोल. स्ट्रक्च. : थियोकेम. 679, 179-186
  • राय एस., सेम्से एस., लियू एम., गुसिन जी. एन., आढ्य ए. (2004) आर. एन. ए. पोलिमेरेस संपर्क के माध्यम से दर-निर्धारण मुक्त कंप्‍लेक्स निर्माण को निषेधित करते हुए को दबाता है । जे. मोल. बायो. 344, 669-718
  • दत्त आर., दास आई., सेन बी., चक्रवर्ती ए., आडक एस., मंडल सी. एन. और दत्त ए. के. (2005) सक्रिय साइट अवशिष्ट का मुटेशनल विश्‍लेषण, जो लिशमानिया डोनोवनी से प्राप्त एडेनोसाइन किनेस की उत्प्रेरक क्रिया के लिए महत्वपूर्ण है । बायोकेम. जे. 387, 591-600
  • माइती ए., राय एस. (2005) अप्राकृतिक एमिनो अम्‍ल प्रतिस्थापन द्वारा डी. एन. ए.-बाइंडिंग विशेषता को स्वीच करता है । न्यूक्‍लियर एसीड रिस. 33, 5896-5903
  • गुहा एस., साहु के., राय डी., मंडल एस. के., राय ए., भट्टाचार्य के. (2005) एंजाइम के साइट पर धीमी विलायन : कैटालाइसिस के लिए प्रभाव । बायोकेमिस्ट्री 44, 8940-8947
  • राय एस., डिमिट्रियांडिस इ. के., कर एस., जियानाकोपलस एम., लेविस एम. एस., आढ्या एस. (2005) गल रिप्तेसर-ओपेरेटर-एच. यू. टर्नरी संमिश्र : रिप्रेसरसम निर्माण का पथ । बायोकेमिस्ट्री 44,5373-5380
  • दत्त ए. बी., राय एस., पैरक पी., (2005) लाम्ब्डा सी. आई. आई. की ओलिगोमेराइजेशन एवं स्थिरता में सी-टर्मिनल अवशिष्ट की भूमिका : फेज के लाइसियस लिसोजेनी निर्णय के लिए प्रभाव । जे. मोल. बायो. 345, 315-324
 

© 2010-11, भारतीय रासायनिक जीवविज्ञान संस्थान | वेबसाइट निर्माता : डिजिटल स्कर्पीयंस, इंडिया